रविवार, 19 जुलाई 2026

 गुफ्तगू के जनवरी-मार्च 2026 अंक में



7. संपादकीय: पुस्तक मेले का नकारात्मक पक्ष भी

8-12. लोकभवन में दो दिन: बिहार गवर्नर की मेहमान बनी टीम गुफ़्तगू

13-15. ख़ास प्रस्तुति: उर्दू शायरी में अहंकार नहीं तारीफ़-ए-खुद - भानु झा

16. इतिहास: कु़रआन की छपाई करते थे नवल किशोल -हकीम रेशादुल इस्लाम

17-19. दास्तान-ए-अदीब: सज्जाद ज़हीर को नहीं रास आया पाकिस्तान- डॉ. इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी

20-24. इंटरव्यू: अंग्रेज़ी की बहुत सेकेंड ग्रडेट राइटिंग है: राजेश जोशी

25-29. चौपाल: किसे कहते हैं पुस्तक विमोचन

30. मुस्तनद शायरी: एक होनहार शायर मुजीब सिद्दीक़ी-डॉ. इम्तियाज़ समर

31-38. ग़ज़लें: पवन कुमार, तेजेंद्र शर्मा, आरडीएन श्रीवास्तव, बसंत कुमार शर्मा, यासीन अंसारी, अरविन्द असर, डॉ. इम्तियाज़ समर, डॉ. शैलेष गुप्त ‘वीर’, रियाज़ इटावी, शमा फ़िरोज़,  शगुफ्ता रहमान ‘सोना’, डॉ. शैलेंद्र जय, भानु झा, सोनिया वर्मा, मुमताज हसन

39-43. कविताएं: यश मालवीय, संतोष श्रीवास्तव, अरुण अर्णव खरे, भोलानाथ कुशवाहा, डॉ. आशा सिंह सिकरवार, सुधा श्रीवास्तव ‘पीयूषी’,  प्रदीप बहराइची, सरिता गर्ग ‘सरि’, डॉ. चंद्रमिण, सीमा सिरोमणि, अरुणिमा खरे ‘वैदेही’

44-45.लधु कथा:  डॉ. प्रमिला वर्मा, डॉ. मीरा रामनिवास

46-48. तब्सेरा: हृदय की बात, मशवरा, फुर्सत किसे है इन दिनों

49-53. उर्दू अदब: फिक्रे-नव, शजर-शजर, पहचान, शाम का धुंधुलका

54-55. ग़ाज़ीपुर के वीर: इलाके के ख़ास समाजेसवी डॉ. श्यामादत्त: सुहैल ख़ान

56-59. अदबी ख़बरें


60-89. परिशिष्ट-1: डॉ. कंचना सक्सेना

60. डॉ. कंचना सक्सेना का परिचय

61-63. अथाह जिज्ञासा और समर्पण का संदेश- नीना मोहन श्रीवास्तव

64. व्यापक सोच को दर्शाती कविताएं - निरुपमा खरे

65-66. यथार्थ को वर्तमान पटल पर रखतीं कविताएं- जगदीश धुर्वे

67-89. डॉ. कंचना सक्सेना की कविताएं


90-118. परिशिष्ट-2: आलोक भदौरिया ‘अर्श’

90. आलोक भदौरिया ‘अर्श’ का परिचय

91. उर्दू अदब का हिमालय आलोक भदौरिया - रईस सिद्दीक़ी

92-93. तलब को ज़ब्त के सांचे में ढालना होगा- डॉ. शैलेंद्र जय

94-95. समाज के कड़वे सच से रुबरु ग़ज़लें - डॉ. इश्क़ सुल्तानपुरी

96. समाज का चित्रण करतीं ग़ज़लें- धीरेंद्र सिंह नागा

97-118. आलोक भदौरिया अर्श की ग़ज़लें 


119-148. परिशिष्ट-3: उर्मिल शर्मा

119. उर्मिल शर्मा का परिचय

120. छह अध्याय का काव्य-रूप: उर्मिल शर्मा

121-122. स्त्री संवेदन की प्रखर कवयित्री - डॉ. संतोष कुमार मिश्र

123-125. जीवन के विविध रंग से सराबोर कविताएं- रचंना सक्सेना

126-127. संवदेना से संघर्ष तक फैला काव्य दर्शन - शगुफ्ता रहमान ‘सोना’

128-148. उर्मिल शर्मा का लेखन  



(गुफ़्तगू का जनवरी-मार्च 2026 अंक)


0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें