गुरुवार, 20 अप्रैल 2017

साहित्य के सामने कई गंभीर चुनौतियां

गुफ्तगू साहित्य समारोह 2017 में दूरदराज से जुटे रचनाकार 
 बेकल उत्साही, सुभद्रा कुमारी चैहान सम्मान से नवाजी गई हस्तियां

इलाहाबाद। गुफ्तगू साहित्य समारोह 2017 के बहाने रचना, रचनाकार और रचनाधर्मिता पर विस्तार से मंथन किया गया। 16 अप्रैल को हिन्दुस्तानी एकेडमी में दूर दराज से आए बड़ी तादाद में साहित्यकारों का जुटान हुआ। कहा गया कि साहित्य और साहित्यकार दोनों को नए सिरे से समझने की जरूरत है। पुराने को नए के साथ जोड़ना भी जरूरी है। इस क्षेत्र में चुनौतियां भी कई हैं, इनको समझना और इनसे जूझना भी होगा। शुरू में कार्यक्रम की भूमिका इम्तियाज अहमद गाजी ने पेश किया। इस दौरान 22 कवियों की काव्य पुस्तकों का विमोचन और 21 कवियों को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए बेकल उत्साही सम्मान से सम्मानित किया गया। महिला लेखन को रेखांकित करते हुए कहा गया कि महिला रचनाकार केवल कविता तक सीमित न रखकर साहित्य की अन्य विधाओं पर भी खुद को स्थापित करें। दो सत्रों में हुए समारोह में पहले सत्र के मुख्य अतिथि उमेश नारायण शर्मा रहे। उन्होंने ऐसे आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। उर्दू साहित्य के समालोचक प्रो0 अली अहमद फातमी ने अपने संबोधन में लेखन क्षेत्र में घुस आए बाजारवाद को गंभीर चुनौती बताते हुए लेखकों को इसके प्रति आगाह किया। समारोह का दूसरा सत्र महिला लेखन-2 के नाम रहा। गुफ्तगू के महिला विशेषांक-2 का विमोचन के साथ ग्यारह रचनाकारों को सुभद्रा कुमारी चैहान के सम्मान से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि बुद्धिसेन शर्मा रहे। अध्यक्षता करते हुए डाॅ0 यासमीन सुल्ताना नकवी ने महिला लेखन के बारे में कई गंभीर मुद्दे उठाए। कहा, साहित्य के सामने संकट भी कम नहीं है। महिला लेखिकाएं साहित्य की अन्य विधाओं में भी अपनी पहचान बनाएं। तभी उन्हें अपेक्षित कामयाबी मिलेगी। अशरफ अली बेग, सरदार अजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, प्रभाशंकर शर्मा, नरेश महरानी, शिवपूजन सिंह, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, संजय सागर, लोकेश श्रीवास्तव, डाॅ0 कलीम उर्फी, विनय श्रीवास्तव, प्रभाकर केसरी, माहिर मजाल, आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, सागर होशियारपुरी, जावेद उर्फी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन शिवाशंकर पांडेय ने किया। दूसरे सत्र में प्रमुख रूप से जावेद उर्फी, अनिल तिवारी, डाॅ0 पंकज चैबे, प्रिया श्रीवास्तव, अंजली मालवीय, पहले सत्र का मनमोहन सिंह तन्हा दूसरे सत्र का संचालन डाॅ0 पीयूष दीक्षित ने किया।       
  इन्हे मिला बेकल उत्साही सम्मान
बेकल उत्साही सम्मान सम्मान से नवाजे जाने वालों में नवाब शाहाबादी (लखनऊ), इक़बाल आज़र (देहरादून), अंजली मालवीय (लखनऊ), शैलेंद्र कपिल (लखनऊ), रमोला रूथलाल (इलाहाबाद), फ़रमूद इलाहाबादी (इलाहाबाद), इश्क़ सुल्तानपुरी (सुल्तानपुरी), मनमोहन सिंह ‘तन्हा’ (इलाहाबाद), शिबली सना (इलाहाबाद), ऐनुल बरौलवी (सरन, बिहार), राजीव नसीब (अजमेर), अतिया नूर (रायबरेली), आभा चंद्रा (लखनऊ), डाॅ. शैलेष गुप्त ‘वीर’ (फतेहपुर), सोमनाथ शुक्ला (इलाहाबाद), माहिर मजाल (रायबरेली), नरेश महरानी (इलाहाबाद), स्नेहा पांडेय (बस्ती), रुचि श्रीवास्तव (इलाहाबाद), तलत परवीन (पटना) और शबीहा खातून (बस्ती) रहीं। 
 इन्हें मिला सुभद्रा कुमारी चैहान सम्मान
सुभद्रा कुमारी चैहान पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में कंचन शर्मा(शिमला), प्रिया श्रीवास्तव ‘दिव्यम्’(जालौन), नुसरत नाहिद (लखनऊ), मीनाक्षी चैधरी (भटिंडा, पंजाब), स्वराक्षी स्वरा (खगड़िया, बिहार), प्रीति समकित सुराना (बालाघाट, मध्य प्रदेश), कुमारी स्मृति (पटना), शारदा सिंह पायल (झांसी), नीलोफर फिरदौस (भदोही), देवयानी (इलाहाबाद) और संजू शब्दिता (इलाहाबाद) को मिला। 
कार्यक्रम की रूपरेखा पेश करते गुफ्तगू के अध्यक्ष इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी

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लोगों को संबोधित करते डाॅ. पीयूष दीक्षित

लोगों को संबोधित करते प्रो. अली अहमद फ़ातमी

लोगों को संबोधित करते डाॅ. अशरफ़ अली बेग

लोगों को संबोधित करते  जावेद  उर्फी

संजू शब्दिता को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी, बुद्धिसेन शर्मा और जावेद उर्फ़ी

देवयानी को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी औरजावेद उर्फ़ी

डाॅ. नीलोफर फिरदौस को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते नरेश कुमार महरानी, डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी, बुद्धिसेन शर्मा और जावेद उर्फ़ी

डाॅ. शारदा सिंह पायल को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी, बुद्धिसेन शर्मा और जावेद उर्फ़ी

कुमारी स्मृति को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते बुद्धिसेन शर्मा, जावेद उर्फी और नरेश कुमार महरानी

प्रीति समकित सुराना को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी, बुद्धिसेन शर्मा और जावेद उर्फ़ी

स्वराक्षी स्वरा को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी, बुद्धिसेन शर्मा, जावेद उर्फ़ी और नरेश कुमार महरानी

मीनाक्षी चैधरी को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते जावेद उर्फ़ी और नरेश कुमार महरानी

नुसरत नाहिद को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते नरेश कुमार महरानी, डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी, बुद्धिसेन शर्मा और धर्मेंद्र श्रीवास्तव

कंचन शर्मा को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी और बुद्धिसेन शर्मा

प्रिया श्रीवास्वत को ‘सुभद्रा कुमार चैहान सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी और बुद्धिसेन शर्मा

महिला विशेषांक-2 का विमोचन का विमोचन करते बाएं से: प्रभाकर केसरी, प्रभाशंकर शर्मा, डाॅ. पीयूष दीक्षित, जावेद उर्फी, डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी, इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी, नरेश कुमार महरानी, बुद्धिसेन शर्मा, कंचन शर्मा, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव और शिवपूजन सिंह

आभा खरे को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करतीं कंचन शर्मा

ऐनुल बरौलवी को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करतीं कंचन शर्मा, बुद्धिसेन शर्मा और प्रभाशंकर शर्मा

अंजली मालवीय को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करतीं कंचन शर्मा

अतिया नूर को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करतीं डाॅ. यासमीन सुल्ताना नक़वी

फ़रमूद इलाहाबादी को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते शमीम सिद्दीक़ी

इक़बाल आजर को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते डाॅ. अशरफ़ अली बेग

इश्क़ सुल्तानपुरी को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते धर्मेंद्र श्रीवास्तव

माहिर मजाल को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते नरेश कुमार महरानी और सागर होशियारपुरी

नरेश कुमार महरानी को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते धर्मेंद्र श्रीवास्तव, प्रो. अली अहमद फ़ातमी और इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी

रमोला रूथ लाल को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करतीं प्रिया श्रीवास्तव और कंचन शर्मा

राजीव नसीब को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते धर्मेंद्र श्रीवास्तव और आनंद प्रकाश श्रीवास्तव

रुचि श्रीवास्तव को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते धर्मेंद्र श्रीवास्तव, कंचन शर्मा और नरेश कुुमार महरानी

शिबली सना को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करतीं देवयानी

स्नेहा पांडेय को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते नरेश कुमार महरानी, प्रिया श्रीवास्तव और इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी 

डाॅ. शैलेष वीर गुप्त को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते उमेश नारायण शर्मा और इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी

तलत परवीन को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करतीं कंचन शर्मा

शबीहा खातून को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते नरेश कुमार महरानी और प्रिया श्रीवास्तव

मनमोहन सिंह तन्हा को ‘बेकल उत्साही सम्मान’ प्रदान करते नरेश महरानी, गुरप्रीत सिंह और प्रभाशंकर शर्मा

1 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (23-04-2017) को
"सूरज अनल बरसा रहा" (चर्चा अंक-2622)
पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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