मंगलवार, 7 जुलाई 2020

गुफ़्तगू के रेलकर्मी विशेषांक (अप्रैल-जून 2020 अंक) में


3. (संपादकीय) ‘जीवन रेखा’ के सहभागी रचनाकार
4. डाक
5-6. बदलते वक़्त में बदल गई रेल - मुनेश्वर मिश्र
7-8. रेल और साहित्य का मेल - शैलेंद्र जय
10-21. (गजलें)- केके सिंह मयंक, बसंत कुमार शर्मा, जावेद अली, बीआर विप्लवी, गौरव कृष्ण बंसल, निगम राज
22-49. (कविताएं)- रामकिशोर उपाध्याय, मनोज कुमार अग्रवाल, यतीश कुमार, अमन वर्मा, डाॅ. ब्रजेश खरे, संतोष कुमार पांडेय प्रयागवासी, वीरेंद्र सेन राजहंस, अरविन्द कुमार वर्मा, विकास प्रसाद, मनोज कुमार गोयल, डाॅ. अरुण कुमार श्रीवास्तव अर्णव, श्रीराम तिवारी, जितेंद्र सिंह जितुजी
50-52. (इंटरव्यू) डीआरएम अमिताभ
53-57. (चैपाल)-  लाॅकडाउन में काव्य परिचर्चा को किस रूप में देखते हैं ?
58-60. (तब्सेरा)- दीवान-ए-अना, हथेलियों में चांदनी, सिसकता दर्द, खिड़कियों से झांकती आंखें
61-63. (उर्दू अदब) मर्सिये की जमालियात, ऐसा क्यों है ?, कोई आंखों में रहता है 
64. गुलशन-ए-इलाहाबाद ;  फराज जैदी
65-66. गाजीपुर के वीर ; ख़ामोश गाजीपुरी
67. श्रद्धांजलि ; गुलजार देहलवी
68-97. परिशिष्ट-1 ; शैलेंद्र कपिल
68-69. शैलेंद्र कपिल का परिचय
70. सूर्य की अरुणिमा में प्रकृति के दर्शन - शैलेंद्र जय
71. प्रकृति के चितेरे कवि शैलेंद्र कपिल - जमादार धीरज
72-73. कविताओं में प्रकृति प्रेम के सुंदर दर्शन - नरेश महरानी
74-75. कहानियों से संदेश देने में माहिर हैं रणविजय - शैलेंद्र कपिल
76-97. शैलेंद्र कपिल की कविताएं
98-127. परिशिष्ट-2 : रामकृष्ण विनायक सहस्रबुद्धे
98. रामकृष्ण विनायक सहस्रबुद्धे का परिचय
99. अपने कर्तव्य बोध के प्रति सजग है सहस्रबुद्धे - डाॅ. शैलेष वीर
100. गहरे अनुभूति की उपज है सहस्रबुद्धे की रचनाए- प्रभाशंकर शर्मा
101-102. शायरी में वास्तविक जीवन का ताना-बाना
103-127. रामकृष्ण विनायक सहस्रबुद्ध की रचनाएं
124-143. (कवि और कविता):  वसीम बरेलवी, इब्राहीम अश्क, डाॅ. हरिओम, मासूम रजा राशदी, डाॅ. राकेश तूफान, विजय प्रताप सिंह, शिवकुमार राय, नीना मोहन श्रीवास्तव


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