बुधवार, 28 अक्तूबर 2020

गुफ़्तगू के प्रशासनिक सेवा विशेषांक (सितंबर-2020 अंक) में

 


3. संपादकीय (साधना से कम नहीं प्रशासनिक सेवा की रचनाएं)
4. डाक
5-10. ग़ज़लगोई की हक़ीक़त क्या है? - जोश मलीहाबादी
11-14. सरकारी-प्रशासनिक सेवा और रचनाकर्म - रविनंदन सिंह
15-35. ग़ज़लें (शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी, नज़र कानपुरी, डाॅ. हरिओम, मनीष शुक्ला, नरेंद्र कुमार सिन्हा, केके सिंह मयंक, अखिलेश श्रीवास्तव चमन, ओम धीरज, इश्क़ सुल्तानपुरी, डाॅ. राकेश तूफ़ान, हसनैन मुस्तफ़ाबादी, अंजु सिंह गेसू, अनुराग मिश्र ग़ैर, अजीत शर्मा आकाश, फ़रमूद इलाहाबादी, नायाब बलियावी, अमन वर्मा, शैलेंद्र जय, डाॅ. अंजना सिंह सेंगर, तामेश्वर शुक्ला तारक, डाॅ. बिपिन पांडेय)
36-38. दोहा ( अरुण अर्णव खरे, पंकज राहिब, राजपाल सिंह गुलिया)
39-51. कविताएं ( यश मालवीय, शैलेंद्र कपिल, कृष्ण कुमार यादव, शिव कुमार राय, प्रकाश चंद्र तिवारी, विनय कुमार पांडेय, गौरव वाजपेयी स्वप्निल, डाॅ. मीना कुमारी परिहार, सम्पदा मिश्रा, केदारनाथ सविता, श्रीराम तिवारी, संजय सक्सेना, जावेद आलम खान)
52-54. इंटरव्यू: पवन कुमार
55-56. चौपाल (प्रशासनिक सेवा में रहते हुए साहित्य के लिए कैसे समय निकालते हैं?)
57-58. तब्सेरा ( महिला काव्य का प्रतिनिधित्व करतीं पुस्तकें- अजीत शर्मा आकाश )
59-60. उर्दू अदब
61-62. गुलशन-ए-इलाहाबाद: इष्टदेव प्रसाद राय
63-64. ग़ाज़ीपुर के वीर-11: जासूसी पात्रों के जनक हैं गोपाल राम गहमरी
65. खि़राज़-ए-अक़ीदत: राहत इंदौरी को दोहरान नामुमकिन - प्रो. वसीम बरेलवी
66. खि़राज़-ए-अक़ीदत: कई भाषाओं के जानकार थे प्रो. फ़ज़ले इमाम - डाॅ. रेहान हसन
67-71. अदबी ख़बरें
!! परिशिष्ट-1: विजय प्रताप सिंह !!
72. परिचय - विजय प्रताप सिंह
73-75. गांव-देहात के जीवन की स्मृतियां - बलभद्र
76. दुष्यंत की परंपरा के ध्वजवाहक हैं विजय प्रताप- प्रभाशंकर शर्मा
77-78. अपनी ओर आकर्षित करती हैं विजय की ग़ज़लें- अर्चना जायसवाल
79-80. समाज का आईना है विजय प्रताप का काव्य- अफ़सर जमाल
81-95. विजय प्रताप की ग़ज़लें
96-103. विजय प्रताप की कविताएं
!! परिशिष्ट-2: मासूम रज़ा राशदी !!
104. मासूम रज़ा राशदी का परिचय
105. मुहावरा बना देने वाली शायरी करते हैं राशदी- यश मालवीय
106-107. फ़न की फरावानी से भरपूर, रसपूर ग़ज़लें - डाॅ. मधुर नज़्मी
108-109. ग़ज़लों से रूहानी मोहब्बत का पैग़ाम- डाॅ. नीलिमा मिश्रा
110. ग़ज़ल का होनहार शायर मासूम रज़ा राशदी- डाॅ. इम्तियाज़ समर
111. अलग अंदाज़ की शायरी करते हैं राशदी- मनमोहन सिंह तन्हा
112-136. मासूम रज़ा राशदी की ग़ज़लें
137-144. कवि और कविता (राहत इंदौरी, विज्ञान व्रत, संजय मासूम, दयाशंकर प्रसाद)

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