बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

गुफ्तगू के जनवरी-मार्च- 2017 अंक में


3.ख़ास ग़ज़लें ( परवीन शाकिर, बेकल उत्साही, शकेब जलाली)
4. संपादकीय (समाज में विश्वास पैदा करना ज़रूरी)
5-6. आपके ख़त
ग़ज़लें
7. उदय प्रताप सिंह, मुनव्वर राना, राहत इंदौरी, मंज़र भोपाली
8.सागर होशियारपुरी, इक़बाल आज़र, प्राण शर्मा, एनुल बरौलीवी
9.अख़्तर अज़ीज़, इम्तियाज़ अहमद गुमनाम, अतिया नूर, रंजीता सिंह
10.चित्रा सुमन, अनिता मौर्या अनुश्री, कविता सिंह वफ़ा, फिरोज ज़बी
11.दीपशिखा सागर, अशरफ़ अली बेग, अखिलेश निगम, डॉ. माणिक विश्वकर्मा
12.चारू अग्रवाल गुंजन, सुनीता कंबोज, अनुपिंद्र सिंह अनूप, शराफ़त हुसैन समीर
13. अनिल पठानकोटी, विवके चतुर्वेदी, श्रीधर पांडेय, विनीत मिश्र, अंबर आज़मी
कविताएं
14. माहेश्वर तिवारी, यश मालवीय
15. हरीलाल मिलन, ज़फ़र मिर्ज़ापुरी
16.स्नेहा पांडेय, कात्यायनी सिंह पूजा
17. अनुभूति गुप्ता, अनिल मानव
18.केदारनाथ सविता, अमरनाथ उपाध्याय
19.कंचन शर्मा, शिवानी मिश्रा
20. शलिनी शाहू, जेपी पांडेय
21-22. तआरुफ़: प्रभाशंकर शर्मा
23-26. इंटरव्यूःप्रो. राजेंद्र कुमार
27-28. चौपाल: अधिकतर मंचीय कवि दो-चार कविताएं ही जीवनभर पढ़ते रहते हैं (मैत्रेयी पुष्पा, मुनव्वर राना, डॉ. असलम इलाहाबादी, सुनील जोगी)
29-32. रुबाई विधा या स्वरूप - डॉ. फ़रीद परबती
33-35. कहानी (रंग-बिरंगे फूलः डॉ. नुसरत नाहिद)
36. लधुकथा (हक़क़ीत - अर्चना त्रिपाठी)
37. संस्मरण (गुम हो गया सड़कों से वो लाल हेलमेट- इम्तियाज़ अहमद ग़ाज़ी)
38-39. खिराज़-ए-अक़ीदत (इक मकां और भी है शीशमहल के लोगों - अख़्तर अज़ीज़)
40. खिराज़-ए-अक़ीदत (साहित्य का संत और शायरी का दरवेश चला गया- अनवर जलालपुरी)
41-43. तब्सेरा (तुम्हारी याद में अक्सर, कितनी दूर और चलने पर, ख़्वाब जो सज न सके, तुम्हारे लिए, अनवरत)
44-48. अदबी ख़बरें
49. गुलशन-ए-इलाहाबाद (उमेश नारायण शर्मा)
50-53. प्रताप सोमवंशी के सौ शेर
55-80. (परिशिष्टः अरविंद असर)
55. अरविंद असर का परिचय
56. असर की असरदार ग़ज़लें-यश मालवीय
57. याद मेेरी कभी आ जाये तो फिर ख़त लिखना-डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव
58-80. अरविंद असर की ग़ज़लें

3 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर।
आप महान कार्य कर रहे हैं।

Sant Lal Singh ने कहा…

मुबारक हो इस उत्कृष्ट कार्य हेतु...!

Sant Lal Singh ने कहा…

मुबारक हो इस उत्कृष्ट कार्य हेतु...!

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