शुक्रवार, 14 मई 2010

गुफ्तगू : हिन्दुस्तानी साहित्य की त्रैमासिक पत्रिका

प्रिय मित्रों,
इलाहाबाद से हम एक लम्बे समय से 'गुफ्तगू' पत्रिका का संपादन कर रहे हैं. हिंदी और उर्दू अदब से जुड़े रचनाकारों की रचनाओं को ना सिर्फ गुफ्तगू में स्थान दिया जा रहा है, बल्कि समाज के बदलते पैमानों और अपने परिवेश की घटनाओं से भी हम नित चर्चा-परिचर्चा इत्यादि के माध्यम से रुबरु हो रहे हैं. साहित्य एवं अदब से जुड़े तमाम अध्येता हमारे साथ जुड़े हुए हैं. उनसे ना सिर्फ हमें संबल मिलता है, बल्कि मार्गदर्शन भी. तमाम स्थापित और नए रचनाकारों पर हम अक्सर परिशिष्ट भी प्रकाशित करते रहते हैं. इलाहाबाद में वैसे भी साहित्य-कला-संस्कृति की त्रिवेणी बहती रहती है. जाति, मजहब, प्रान्त की सीमाओं से परे हमारा उद्देश्य गुफ्तगू में उन सभी रचनाकारों, शायरों को स्थान देना है, जिनकी रचनाएँ समाज को लौ दिखाती हैं. आप सभी का गुफ्तगू में स्वागत है...!!
गुफ्तगू (त्रैमासिक): संपादक- नाज़िया ग़ाज़ी, 123 ए/1, हरवारा, धूमनगंज, इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)-211011

3 टिप्पणियाँ:

इम्तियाज़ गाज़ी : गुफ्तगू ने कहा…

Ap sabhi ka swagat hai..

MUFLIS ने कहा…

हम सब की अपनी पत्रिका
"गुफ्तगू" से जुड़े रहना
मेरे लिए फख्र की बात है

dkmuflis.blogspot.com

अभिलाषा ने कहा…

आपकी रचनाधर्मिता से ब्लॉग जगत प्रभावित है. आपकी रचनाएँ भिन्न-भिन्न विधाओं में नित नए आयाम दिखाती हैं. 'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग एक ऐसा मंच है, जहाँ हम प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती रचनाएँ प्रस्तुत कर रहे हैं. रचनाएँ किसी भी विधा और शैली में हो सकती हैं. आप भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 2 मौलिक रचनाएँ, जीवन वृत्त, फोटोग्राफ भेज सकते हैं. रचनाएँ व जीवन वृत्त यूनिकोड फॉण्ट में ही हों. रचनाएँ भेजने के लिए मेल- hindi.literature@yahoo.com

सादर,
अभिलाषा
http://saptrangiprem.blogspot.com/

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